स्कूल ऑफ हैप्पीनेस

स्कूल ऑफ हैप्पीनेस – सम्पूर्ण विकास हेतु अनौपचारिक समग्र शिक्षा

स्कूल ऑफ हैपीनेस, सृजन फाउंडेशन ट्रस्ट की प्रमुख परियोजना है जिसे लगभग दो दशक पहले एक अनौपचारिक विद्यालय के रूप में शुरू किया गया था, जो निम्न पृष्ठभूमि के बच्चों को दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए सम्पूर्ण व्यक्तित्व के विकास हेतु सहायता करता है।

प्रारंभ में, सृजन फाउंडेशन ट्रस्ट ने पुरी जिले के कुमारपारा और नादखंड गाँवों में, और वसंत कुंज, नई दिल्ली के पास किशनगढ़ गाँव में तीन ऐसे अनौपचारिक विद्यालयों के साथ अपनी यात्रा शुरू की। ओडिशा के दो स्कूल लगभग डेढ़ दशक तक सफलतापूर्वक चले, जिससे लगभग दो सौ छात्रों का जीवन परिवर्तित हुआ। दुर्भाग्य से, सृजन फाउंडेशन ट्रस्ट के दायरे से बाहर के कारकों के कारण दोनों विद्यालयों को बंद करना पड़ा।

यद्यपि, नई दिल्ली के किशनगढ़ में विद्यालय ने स्वयं पंख लगाकर ‘सपनों की उड़ान’ भरकर अपने सभी समावेशी और एकीकृत दृष्टिकोण के साथ छात्रों के लिए अनौपचारिक शिक्षा की सहायता से संभावनाओं का संसार खोल दिया। विद्यालय के बाद के काल में शैक्षिक गतिविधियों, व्याख्यानों, कार्यशालाओं, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, व्यक्तित्व-विकास और आत्मविश्वास के निर्माण की दिशा में एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करते हुए, विद्यालय को छात्रों के सबसे प्रिय स्थान के रूप में पोषित किया गया, जिसमें उन्हें असीम आनंद का अनुभव हो। इसलिए आश्चर्य नहीं होता कि विद्यालय को स्वयं छात्रों द्वारा “स्कूल ऑफ हैपीनेस” नाम दिया गया!

पिछले कई वर्षों में, स्कूल ऑफ हैपीनेस के कई उत्सुक व मेधावी छात्र निखर उठे हैं जो आज कला, विज्ञान, मीडिया और टेलीविजन, सामाजिक कार्य, शिक्षा, व्यवसाय प्रशासन, कानून, संगीत, नृत्य और रीटेल जैसे विविध क्षेत्रों में आत्मविश्वास से भरपूर व्यावसायिक युवा के रूप में अपना नाम कमा रहे हैं। स्कूल ऑफ हैपीनेस विशेष रूप से अपने मेहनती छात्रों पर गर्व करता है जिनमें से एक ने हाल ही में भारतीय सेना प्रवेश परीक्षा को पूरा किया है और चयन की प्रतीक्षा में है।

सृजन फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा अत्यल्प संसाधनों के साथ समाज को कुछ वापस देने के एक छोटे से प्रयास के रूप में शुरू किया गया विद्यालय किशनगढ़ और महरौली के पड़ोसी शहरी गांवों के संसाधनहीन बच्चों की आशाओं और आकांक्षाओं के बल पर आज एक समृद्ध संस्थान में बदल गया है। सृजन फाउंडेशन ट्रस्ट युवा सपनों को उनकी ख्वाबों की उड़ान भरने देने के लिए प्रतिबद्ध है!

‘ख्वाबों की उड़ान’ – स्कूल ऑफ हैप्पीनेस के छात्रों द्वारा विद्यालय पर बनाई गई वृत्तचित्र फिल्म:


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